A world of selfishness.दुनिया मतलब दी

हर एक रिश्ते के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ छुपा होता है।

दुनिया मतलब दी! यह बात हम सभी ने कभी ना कभी जरूर सुनी होगी लेकिन आज के हालात में यह साबित कर दिया कि दुनिया सचमुच ही मतलब की है। कोरोनावायरस का खौफ पूरी दुनिया में फैल चुका है और इस खौफ ने साबित कर दिया के यह दुनिया सचमुच ही मतलब की है सब रिश्ते नाते किसी ना किसी स्वार्थ के लिए हमारे साथ जुड़े हुए हैं जब अपनी जान की बात आती है तो सब रिश्ते साथ छोड़ जाते हैं।

Corona virus के कारण सभी देशों में बहुत सी मौतें हो रही है बहुत से लोग तड़प तड़प कर मर रहे हैं मगर उनका साथ देने वाला कोई भी नहीं है। अपने ही परिवार के लोग मरीज के पास जाने से डर रहे हैं। मरे हुए लोगों की अर्थी को कंधा देने वाला भी कोई नहीं है। मां बाप भाई बहन और रिश्तेदार सब अपने-अपने करो में छुप कर बैठे हुए हैं। आज मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा जिसमें दिखाया गया है कि कैसे लोग शव के पास जाने से डर रहे हैं कोई अर्थी को कंधा देने के लिए आगे नहीं आ रहा कहां गए सब रिश्ते नाते जिन रिश्तो के लिए सारी उम्र लड़ते रहे आज वह भी साथ छोड़ गए। कुछ दिन पहले भी एक ऐसा ही वीडियो देखने को मिला था जहां एक 8-10 साल की बच्ची करोना वायरस की वजह से बुरी तरह तड़प रही है और उसके मां-बाप उसके पास नहीं जा रहे। क्या बीत रही होगी उस नन्ही सी जान पर यह सब देख कर। मौत को सामने देखकर सब रिश्ते साथ छोड़ गए।

मतलब कि इस दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके भरोसे आज भी इंसानियत जिंदा है। मैं दिल से धन्यवाद करता हूं उन लोगों का जो अपनी जान की परवाह किए बगैर बिना किसी रिश्ते नाते को देखे दूसरों की सहायता कर रहे हैं। सलाम करता हूं भगत सिंह सेवा दल को जो लोगों के घरों से मुर्दों को ले जाकर उनका अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज के साथ कर रहे हैं। दिखावे के रिश्ते नातों से तो वह लोग अच्छे हैं जो जरूरत पड़ने पर साथ खड़े हैं।

Hindi to English translation by Google

There is some self-interest hidden behind every relationship.

A world of selfishness.We all must have heard this thing at some time or the other, but in today’s situation it has proved that the world has really made sense. The fear of coronavirus has spread all over the world and this fear has proved that this world really means that all relationships are connected with us for some kind of selfishness, when it comes to their lives, all relationships leave. Let’s go.

Due to Corona virus, there are many deaths in all countries, many people are dying in yearning, but there is no one to support them. People from his own family are afraid of going to the patient. There is no one to shoulder the meaning of dead people. Parents, siblings and relatives are all sitting hidden in their karo. Today I saw a video on social media showing how people are afraid to go to the dead body, no one is coming forward to shoulder the economist, where have all the relationships gone, the relationship for which all the ages fought Left with A few days ago a similar video was found where an 8-10 year old girl is suffering badly due to Karona virus and her parents are not going to her. What must have been happening, seeing all this on that little life. Seeing death in front, all relationships left.

Meaning that there are some people in this world whose faith is still alive. I sincerely thank those who are helping others, regardless of their lives, without looking at any relationship. I salute the Bhagat Singh Seva Dal who is carrying the dead from the homes of the people and performing their last rites with full custom. Appearance relationships are good for those people who stand together when needed.

admin

I'm Malkit singh rataul.

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